खजजियार झील हिमांचल प्रदेश | Khajjiyar Lake in Himanchal Pradesh

खजजियार झील हिमांचल प्रदेश | Khajjiyar Lake in Himanchal Pradesh

 

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अगर आपने  घूमने का मन बना रक्खा हैं  तो हिमाचल प्रदेश के खजियार जा सकते हैं। और खजियार को 'मिनी स्विट्जरलैंड (Mini Switzerland)' के नाम से भी जाना जाता है।  दुनिया के 130 'मिनी स्विट्जरलैंड (Mini Switzerland)' में से एक खजियार भी है। खजियार की खूबसूरती को देखकर इसे लोगो ने  'मिनी स्विट्जरलैंड (Mini Switzerland)' की उपाधि से नवाजा गया है।

यह क्षेत्र हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में स्थित खाज्जिअर लेक (Khajjiar Lake) मे  अपनी प्राकृतिक सुंदरता  वाली सबसे खास जगहों में से एक है।  यह खूबसूरत झील अपनी प्राकृतिक सुंदरता  पन्ना पहाड़ियों और कपास के बादलों से घिरी है  और हर एक को अपनी तरफ आकर्षित करती है।

 

खाज्जिअर झील (Khajjiar Lake) 1920 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और 5000 वर्ग गज के क्षेत्र मे फेली  है। और यहां से कैलाश पर्वत की झलक को  भी देख सकते हैं।मिनी स्विसके नाम फेमस खाज्जिअर पैराग्लाइडिंग (Paragliding) और घुड़सवारी (Horse Riding) जैसे  खेलों के लिए काफी प्रसिद्ध है।

 

हज़ारों साल से बसे इस छोटे से Hill Station को  'खज्जी नागा मंदिर' के नाम से भी  जाना जाता है। 10वीं शताब्दी का यह धार्मिक स्थल  एक पहाड़ी अंदाज़ में बनाया गया है और यहाँ पर  नागदेव की पूजा की जाती  है।  

 


लेकिन खास कर लोग तो मुख्य रूप से 1951 मीटर की ऊँचाई पर स्थित इस हिल स्टेशन की आबोहवा का ही आनंद उठाने अक्षर यह पर पसंद करते  हैं।  दिन भर तो मौसम बहुत ही  सुहाना होता  है, शाम ढलने के बाद यहाँ का मौसम कुछ इस कदर  रोमांचित और मनमोहक करने वाला हो जाता है  कि पर्यटक हल्के कपड़े पहनकर टहलने के लिए निकल पड़ेंगे।

 

 

 

खज्जियार (Khajiyar) का आकर्षण इसके चारों तरफ घिरे देवदार के पेड़ों की झील के नीले पानी में बहुत ही सुंदर परछाइयां दिखती हैं। झील के चारों ओर हरी-भरी मुलायम और आकर्षक घास खज्जियार (Khajiyyar) को बहुत  सुंदरता प्रदान करती है। झील के बिचो बीच टापूनुमा दो जगहें हैं

 

 यहां पर सबसे आकर्षक चीज तैरता हुआ टापू है जोकि असल में झील की सतह पर उगने वाले घासों का गुच्छा होता है जिसको  देखना काफी अच्छा लगता है। खजियार जाने पर आपको  एहसास होगा कि आप Switzerland में हैं।  जहां पहुंचकर लोगो काफी  रोमांचित हो जाते है। वैसे तो खज्जियार (Khajjiyar) में तरह-तरह के रोमांचक खेल का आयोजन किया जाता है अगर आप गोल्फ (Golf) के शौकीन हैं तो आपके लिए यह Hill Station और भी बेहतर रहेगा ।

 


यहाँ का  पर्यटन स्थल छोटा भले ही है लोकप्रियता मे बड़े-बड़े हिल स्टेशनों से कम नहीं है। इसीलिए यहाँ के सार्वजनिक निर्माण विभाग के Rest House के पास स्थित देवदार के छह समान ऊँचाई की शाखाओं वाले पेड़ों को पाँच पांडवों और छठी द्रौपदी के प्रतीकों के रूप में माना जाता है।

 

स्विज के  राजदूत ने यहाँ की ख़ूबसूरती से आकर्षित होकर 7 जुलाई, 1992 को खज्जियार (Khajjiyar) को हिमाचल प्रदेश का 'मिनी स्विटजरलेंड' की उपाधि दी थी।

 

यहाँ पर से 1 कि.मी. की दूरी पर  कालटोप वन्य जीव अभ्यारण्य है और 13 समान ऊँचाई की शाखाओं वाले एक बड़े से देवदार के वृक्ष को 'मदर ट्री' के नाम से भी  जाना जाता है।

 

 

यहाँ के पशु-पक्षी प्रेमी और सैलानियों को कई दुर्लभ जंगली जानवर और पक्षियों के दर्शन हो जाते हैं। यहाँ आकर  ऐसा लगता है मानो प्रकृति ने झील के चारों ओर हरी-भरी मुलायम और आकर्षक घास की चादर बिछा रखी हो।

 

 

 यहाँ आने के लिए सड़क मार्ग से चंबा या डलहौजी  पहुँचने के बाद  से आधा घंटे का समय लगता है।यहाँ पर आप निजी वाहन द्वारा आसानी से पहुँच सकते हैं

 

 चंडीगढ़ से 352 और पठानकोट रेलवे स्टेशन से मात्र 95 किलोमीटर की दूरी  तय करने के बाद  यहाँ पर स्थित खज्जियार में 'खज्जी नागा मंदिर' की बड़ी मान्यता है। और  मंदिर के मंडप के कोनों में पाँच पांडवों की लकड़ी की मूर्तियाँ स्थापित हैं। इसकी यह मान्यता है कि पांडव अपने अज्ञातवास के समय  यहाँ पर  आकर ठहरे थे।

 

यहाँ का नजदीकी हवाई अड्डा कांगड़ा का 'गागल' है, जो कि 12 कि.मी. की दूरी पर और नजदीकी रेलवे स्टेशन कांगड़ा 18 कि.मी. की दूरी पर स्थित हैं। सड़क मार्ग से सीधे यहाँ पहुँचा जा सकता है।

 

यहाँ पर ठहरने के लिए  होटल  और कुछ  कॉटेज भी है जहां पर पर्यटक रुक सकते है और वन विभाग मे भी विश्राम गृह है कुछ निजी होटल भी उपलब्ध है

 

अगर आप खज्जियार (Khajjiyar) जाना चाहते है तो आप साल मे किसी भी समय जा सकते हो जनवरी और फरवरी मे काफी ज्यादा यहाँ पर ठंड पड़ती है और बर्फबारी भी होती है इन दो महीनो मे जाना थोड़ा मुश्किल भरा हो सकता है